पूरनपुर। समाजवादी छात्र सभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एड. नोमान अली वारसी व विधानसभा उपाध्यक्ष पप्पू शाह ने कहा कि लोकतंत्र में जनता को अपनी बात रखने और शांतिपूर्ण विरोध करने का संवैधानिक अधिकार है। उन्होंने आरोप लगाया कि जब भी समाजवादी कार्यकर्ता, युवा या आम नागरिक अपने अधिकारों और जनहित के मुद्दों को लेकर सड़क पर उतरते हैं, तो उनकी आवाज़ का जवाब संवाद से नहीं बल्कि गिरफ्तारी से दिया जाता है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में असहमति को दबाना उचित नहीं है और इससे लोकतांत्रिक मूल्यों को ठेस पहुंचती है। वारसी ने कहा कि गिरफ्तारियां आंदोलन को कमजोर नहीं बल्कि और मजबूत करती हैं, क्योंकि विचारों और हौसलों को किसी भी तरह की कार्रवाई से रोका नहीं जा सकता। उन्होंने कार्यकर्ताओं से संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों पर विश्वास बनाए रखते हुए शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष जारी रखने की अपील की। अंत में उन्होंने लोकतंत्र और समाजवादी विचारधारा के समर्थन में नारे भी लगाए।