बगहा में इंसानियत और संवेदनशीलता की एक खूबसूरत मिसाल देखने को मिली। गोरखपुर–नरकटियागंज रेलखंड के रेलवे पुल संख्या 349 के पास घायल अवस्था में मिली एक दुर्लभ फिशिंग कैट को वन विभाग ने सुरक्षित रेस्क्यू कर उसकी जान बचा ली। पहले ग्रामीणों ने उसे तेंदुए का शावक समझा, लेकिन सूचना मिलते ही वन विभाग और रेलवे प्रशासन ने तुरंत मोर्चा संभाल लिया। रेलवे ने ट्रेनों की गति धीमी कर दी, जबकि वन विभाग की टीम ने घंटों की मशक्कत के बाद फिशिंग कैट को सुरक्षित अपने कब्जे में ले लिया। बगहा रेंजर श्रीमान मालकर फिशिंग कैट घायल अवस्था में मिली है। संभवतः ट्रेन की हल्की चपेट में आने से उसे चोट लगी है। उसका इलाज कराया जा रहा है। पूरी तरह स्वस्थ होने के बाद इसे सुरक्षित जंगल में छोड़ दिया जाएगा। रेस्क्यू के दौरान दो वनकर्मी मामूली रूप से घायल हुए, जिनका इलाज कर दिया गया है। फिलहाल फिशिंग कैट विशेषज्ञों की निगरानी में है और स्वस्थ होते ही उसे उसके प्राकृतिक आवास में वापस छोड़ दिया जाएगा। यह रेस्क्यू वन्यजीव संरक्षण के प्रति प्रशासन की तत्परता और संवेदनशीलता का एक बेहतरीन उदाहरण है।