बगहा। कोरोना महामारी के दौरान ऑक्सीजन संकट से निपटने के लिए वर्ष 2021 में बगहा अनुमंडलीय अस्पताल परिसर में करोड़ों रुपये की लागत से ऑक्सीजन प्लांट लगाया गया था। इसका उद्देश्य था कि भविष्य में किसी भी आपात स्थिति में मरीजों को अस्पताल में ही समय पर ऑक्सीजन उपलब्ध कराई जा सके। लेकिन करीब पांच साल बाद भी यह प्लांट चालू नहीं हो सका है। हैरानी की बात यह है कि स्थापना के बाद से अब तक इससे एक बार भी ऑक्सीजन का उत्पादन नहीं हुआ। स्थानीय लोगों का आरोप है कि टेक्नीशियन की नियुक्ति नहीं होने के कारण करोड़ों रुपये की यह परियोजना शुरू होने से पहले ही ठप हो गई। अस्पताल परिसर में लगा प्लांट अब उपेक्षा का शिकार है। मशीनों पर जंग लगने लगी है और चारों ओर घास-फूस उग आए हैं। वहीं पुराने अस्पताल भवन के ध्वस्तीकरण के साथ ऑक्सीजन पाइपलाइन भी खत्म हो चुकी है, जिससे भविष्य में प्लांट चालू करने के लिए नई व्यवस्था करनी पड़ेगी। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि प्लांट एक गैर-सरकारी संस्था (एनजीओ) के माध्यम से लगाया गया था, लेकिन इसके संचालन के लिए प्रशिक्षित टेक्नीशियन उपलब्ध नहीं कराया गया। उधर, सांसद प्रतिनिधि मो. निजामुद्दीन अंसारी ने कहा कि मामले से वाल्मीकिनगर सांसद सुनील कुमार को अवगत कराया जाएगा, ताकि टेक्नीशियन की नियुक्ति कर प्लांट को जल्द चालू कराया जा सके। फिलहाल करोड़ों रुपये की यह परियोजना बंद पड़ी है और मरीज इसके लाभ से अब तक वंचित हैं।