बगहा। सरकारी दफ्तरों के महीनों तक चक्कर लगाने के बाद निराश हो चुके एक बुजुर्ग की उम्मीद उस समय लौट आई, जब उनका लंबित दाखिल-खारिज (म्यूटेशन) का मामला पश्चिमी चंपारण जिले के बगहा-2 प्रखंड के राजस्व पदाधिकारी रवि प्रकाश चौधरी के संज्ञान में पहुंचा। उन्होंने मामले को गंभीरता से लेते हुए सभी दस्तावेजों और राजस्व अभिलेखों की निष्पक्ष जांच कराई तथा नियमानुसार बिना अनावश्यक देरी के दाखिल-खारिज का निष्पादन सुनिश्चित कराया। जैसे ही बुजुर्ग को उनके वर्षों से अटके काम के पूरा होने की जानकारी मिली, उनके चेहरे पर राहत और संतोष की मुस्कान लौट आई। स्थानीय लोगों ने भी राजस्व पदाधिकारी की संवेदनशील कार्यशैली की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे प्रयासों से आम जनता का प्रशासन पर विश्वास मजबूत होता है। इस मौके पर राजस्व पदाधिकारी रवि प्रकाश चौधरी ने स्पष्ट कहा कि सरकारी काम के लिए किसी भी दलाल या बिचौलिये को पैसे देने की आवश्यकता नहीं है। बिहार सरकार की जीरो टॉलरेंस ऑन करप्शन नीति के तहत प्रत्येक पात्र व्यक्ति का कार्य पूरी पारदर्शिता और निर्धारित नियमों के अनुसार किया जाता है। उन्होंने लोगों से अपील की कि यदि कोई सरकारी कार्य के नाम पर अवैध रूप से पैसे मांगता है, तो इसकी सूचना तुरंत प्रशासन को दें, ताकि उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा सके। यह पहल सिर्फ एक दाखिल-खारिज का निपटारा नहीं, बल्कि प्रशासन के प्रति आम लोगों के भरोसे को और मजबूत करने वाली एक सकारात्मक मिसाल बनकर सामने आई है।