भिवानी। दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में छह से दस जुलाई तक आईपीएल की तर्ज पर आईएबीएफ द्वारा आयोजित करवाई पहली प्रोफेशनल मुक्केबाजी लीग में भिवानी जिले के गांव पालुवास के मुक्केबाजों ने इतिहास रच दिया है। इस प्रतियोगिता में गांव पालुवास के तीन मुक्केबाजों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 2 गोल्ड और एक सिल्वर मेडल अपने नाम कर पूरे देश में गांव और प्रदेश का नाम रोशन किया है। इस ऐतिहासिक कामयाबी के बाद रविवार को जब तीनों पदक विजेता खिलाड़ी गांव पालुवास पहुंचे, तो पूरा गांव उत्सव के माहौल में डूब गया। ग्रामीणों ने ढोल-नगाड़ों की थाप, फूलों और नोटों की मालाओं के साथ मुक्केबाजों का जोरदार नागरिक अभिनंदन किया। इस प्रतियोगिता का सबसे दिलचस्प और रोमांचक मुकाबला बहत्तर किलो पांच सौ ग्राम भार वर्ग में देखने को मिला, जहां फाइनल मैच में गांव पालुवास के दो सगे भाई अंकित व आदित्य आमने-सामने थे। इस मुकाबले में अपनी तकनीक का लोहा मनवाते हुए बड़े भाई अंकित ने गोल्ड मेडल पर कब्जा किया तो वही छोटे भाई आदित्य राज ने शानदार फाइट लड़ते हुए सिल्वर मेडल अपने नाम किया। इन दोनों सगे भाइयों के चाचा युवराज ने भी इसी प्रतियोगिता के इकसठ किलो पांच सौ ग्राम भार वर्ग में देश के दिग्गजों को धूल चटाते हुए गोल्ड मेडल हासिल किया। यानी एक ही परिवार के तीन सदस्यों ने देश की सबसे बड़ी प्रो-बॉक्सिंग लीग में तीन पदक जीतकर एक नया रिकॉर्ड कायम कर दिया है। इस प्रतियोगिता में देशभर की चार टीमों के 32 शीर्ष महिला व पुरुष मुक्केबाजों ने हिस्सा लिया था, जिसमें पालुवास के इन बेटों ने अपनी धाक जमाई। सम्मान समारोह में बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे भिवानी के उप पुलिस अधीक्षक अनूप कुमार ने तीनों विजेता खिलाडिय़ों को सम्मानित किया और उनकी इस अद्वितीय उपलब्धि की जमकर प्रशंसा की। डीएसपी अनुप कुमार ने कहा कि एक ही परिवार से तीन-तीन अंतरराष्ट्रीय स्तर के मुक्केबाज निकलना और देश के मंच पर पदक जीतना कोई साधारण बात नहीं है। विशेषकर दो सगे भाइयों का फाइनल में देश के शीर्ष स्तर पर मुकाबला करना खेल के प्रति उनके समर्पण को दर्शाता है। युवराज, अंकित और आदित्य ने यह साबित कर दिया है कि अगर प्रतिभा को सही दिशा और कड़ी मेहनत मिले, तो कोई भी मुकाम हासिल किया जा सकता है। भिवानी पुलिस और पूरा जिला इन बेटों पर गर्व करता है।