पूरनपुर। बुद्धम सेवा समिति, ओबीसी महासभा, अधिवक्ताओं एवं विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने सोमवार दोपहर तीन बजे तहसील परिसर में पहुचकर राष्ट्रपति, राज्यपाल, प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को संबोधित संयुक्त ज्ञापन नायब तहसीलदार को सौंपा। ज्ञापन में मेरठ के चर्चित ललिता गौतम हत्याकांड की निष्पक्ष, पारदर्शी एवं समयबद्ध जांच कर दोषियों की शीघ्र गिरफ्तारी और कठोर दंड दिलाने की मांग की गई। साथ ही अधिवक्ता रवि गौतम के साथ मेरठ के एसएसपी द्वारा कथित मारपीट एवं अभद्र व्यवहार की स्वतंत्र जांच कर दोषी अधिकारियों के विरुद्ध विभागीय एवं कानूनी कार्रवाई की मांग उठाई गई।ज्ञापन में पीड़ित परिवार को 50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता और एक सरकारी नौकरी देने, अधिवक्ताओं की सुरक्षा एवं सम्मान सुनिश्चित करने के लिए प्रभावी दिशा-निर्देश जारी करने तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस प्रशासनिक कदम उठाने की भी मांग की गई। प्रतिनिधियों ने कहा कि शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन संविधान के अनुच्छेद 19 के तहत उनका मौलिक अधिकार है और न्याय की मांग लोकतांत्रिक अधिकारों के अनुरूप है। इस दौरान प्रदीप कुमार सागर एडवोकेट, विकास सागर एडवोकेट, रामनरेश कुशवाहा, रामजी गौतम एडवोकेट, सुरेश चंद्र वर्मा, रवि सागर, सुखलाल, नीरज सहित अन्य अधिवक्ता एवं सामाजिक संगठन के प्रतिनिधि मौजूद रहे।