मानवीय प्रयास: मानव जन कल्याण संस्था द्वारा संचालित पुनर्वास केंद्र (दतिया) के लाभार्थियों के लिए एजेल स्मार्ट सिटी हॉस्पिटल ने एक विशेष स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया। अस्पताल ने शिविर के सभी 20 लाभार्थियों के संपूर्ण जीवनभर के मुफ्त इलाज का जिम्मा उठाया है। चमत्कार की शुरुआत: शिविर के दौरान एक मानसिक रूप से दिव्यांग युवक ने अपनी धुंधली यादों से सिर्फ दो बातें साझा कीं—उसका घर किसी फैक्ट्री के पास था और एक शब्द याद था, "तेलीपुरा"। चला बड़ा खोज अभियान: अस्पताल के एग्जीक्यूटिव श्री आकाश यादव ने इसे एक मिशन बनाया। काउंसलिंग टीम के साथ मिलकर उन्होंने देश के कई शहरों के 'तेलीपुरा' नामक इलाकों में स्थानीय प्रशासन और सामाजिक कार्यकर्ताओं से संपर्क साधा। अंततः कड़ी से कड़ी जुड़ती गई और सुराग आगरा के तेलीपुरा तक जा पहुँचा। माँ का विश्वास जीता, 5 साल का इंतजार खत्म: युवक की पहचान गुलशन के रूप में हुई, जो पिछले 5 वर्षों से लापता था। बेटे के गम में पिता का निधन हो चुका था, लेकिन माँ ने आस नहीं छोड़ी थी। जब अस्पताल परिसर में गुलशन अपनी माँ और भाई से मिला, तो वहाँ मौजूद हर शख्स की आँखें नम हो गईं। स्वास्थ्य सेवा से आगे, मानव सेवा: अस्पताल प्रबंधन ने इस पुनीत कार्य के लिए श्री आकाश यादव के समर्पण की सराहना की। प्रबंधन ने कहा, "अस्पताल केवल बीमारियों का इलाज नहीं करते, बल्कि जीवन में आशा और मानवता की पुनर्स्थापना के लिए भी होते हैं।" अस्पताल भविष्य में भी ऐसे निराश्रित और लापता व्यक्तियों को उनके परिवारों से मिलाने के प्रयास जारी रखेगा।