*राजेसुल्तानपुर में दरिंदगी की इंतेहा: 12 साल के मासूम को बंधक बनाकर पैर में घोंपा भाला, सिगरेट से दागा!* *मानवीय संवेदनाएं तार-तार: खरुवावं में दबंगों का तांडव, मासूम सूरज को कोड़ों से पीटा, पुलिस का रवैया दागदार!* *राजेसुल्तानपुर पुलिस की सुस्ती या दबंगों को शह? तड़प रहा मासूम, न्याय के नाम पर कार्रवाई ‘निल बटा सन्नाटा’!* *पत्रकार प्रदीप पाण्डेय की कलम से...* *राजेसुल्तानपुर अम्बेडकरनगर* *राजेसुल्तानपुर थाना क्षेत्र के खरुवावं गांव से एक ऐसा रूह कंपा देने वाला मामला सामने आया है, जिसने मानवीय संवेदनाओं को पूरी तरह तार-तार कर दिया है। क्षेत्र के रसूखदार दबंगों ने क्रूरता और हैवानियत की सारी हदें पार करते हुए एक 12 वर्षीय मासूम बालक को न सिर्फ बंधक बनाया, बल्कि उसके साथ वहशीपन का वो नंगा नाच खेला जिसे सुनकर किसी का भी कलेजा कांप उठे। बंधक बनाकर दी रूह कंपाने वाली यातनाएं* *पीड़ित पिता मान सिंह के मुताबिक, उनके 12 वर्षीय मासूम बेटे सूरज सिंह को गांव के ही दबंग दुर्गविजय सिंह (पुत्र जमींदार सिंह) ने अपने सहयोगियों के साथ मिलकर घर में कैद कर लिया। बंद कमरे में मासूम सूरज पर आदमखोरों की तरह जुल्म ढाए गए। दरिंदगी की हद पार करते हुए आरोपियों ने मासूम के पैरों में नुकीला भाला घोंप दिया। इतने से भी जब इन जल्लादों का मन नहीं भरा, तो मासूम के कोमल शरीर पर बेरहमी से कोड़े बरसाए गए और सुलगती हुई सिगरेट से उसके शरीर को जगह-जगह दागा गया। मासूम की चीखें बंद कमरे की दीवारों में ही दम तोड़ती रहीं।* *पिता पहुंचे तो अचेत मिला मासूम, मिली जान से मारने की धमकी* *काफी खोजबीन के बाद जब सूरज के लाचार पिता मान सिंह मुख्य आरोपी दुर्गविजय सिंह के घर पहुंचे, तो वहां का नजारा देखकर उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। उनका लाडला खून से लथपथ और अचेत अवस्था में पड़ा हुआ था। आरोप है कि जब मान सिंह ने इसका विरोध किया, तो आरोपी दुर्गविजय सिंह, शिव नन्दन सिंह, आशीष सिंह और उनके भांजे सत्यम सिंह समेत अन्य अज्ञात लोगों ने उन्हें जातिसूचक शब्द कहे, मां-बहन की भद्दी-भद्दी गालियां दीं और दोबारा दिखने पर जान से मारने की धमकी देकर वहां से खदेड़ दिया।