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▶️.....आज मदीना की उस वादी में एक बार फिर जाने का मौक़ा मिला जहाँ परिंदे भी मोहब्बत का इज़हार करते नज़र आते हैं।*
Indra Kumar Singh
(UTTAR PRADESH, BARABANKI)
▶️.....आज मदीना की उस वादी में एक बार फिर जाने का मौक़ा मिला जहाँ परिंदे भी मोहब्बत का इज़हार करते नज़र आते हैं।*
राधाकुंड में फिर हुआ दर्दनाक हादसा: 16 वर्षीय किशोर की स्नान के दौरान गहरे पानी में डूबने से हुई मौत।
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अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर प्रखंड के विद्यालयों में हुआ योग कार्यक्रम का आयोजन
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▶️......पीएम मोदी ने एक-एक व्यक्ति की योग मुद्रा देखी प्रधानमंत्री मोदी ने कोलकाता में 12वें इंटरनेशनल योग दिवस के मौके पर न सिर्फ योग किया, बल्कि योग करते हुए लोगों के पोस्चर को भी देखा और उनकी योग मुद्रा ठीक करवाई
▶️.....मात्र 9 माह की भांजी से सगे मामा ने किया दुष्कर्म यूपी के गोरखपुर में एक नशेड़ी मामा हैवान बन गया। नशेड़ी मामा घर पर सो रही 9 माह की भांजी को घर से 500 मीटर दूर जंगल में ले गया और वहां उसके साथ हैवानियत की इतना ही नहीं बच्ची को लहूलुहान अवस्था में जंगल मे ही छोड़कर दरिंदा मामा फरार हो गया पुलिस ने आरोपी मामा को गिरफ्तार कर लिया है।
▶️.....दिल्ली मेट्रो में वानर की इंट्री... उसके बाद उसने जमकर मचाई उधम और मस्ती, खासकर 1.05 मिनट के बाद का वीडियो देखिए लोगों के कंधे और गोदी में चढ़कर, तो कभी विंडो पर बैठकर बाहर के नजारे देखते हुए मस्ती करते नजर आए कपिराज सराय काले खां स्टेशन के पास, पिंक लाइन का वीडियो
खरीफ महा अभियान के तहत किसानों को दिया गया प्रशिक्षण
Comments (1)
Indra Kumar Singh
21 Jun, 2026▶️.....आज मदीना की उस वादी में एक बार फिर जाने का मौक़ा मिला जहाँ परिंदे भी मोहब्बत का इज़हार करते नज़र आते हैं।* मोहब्बत अल्लाह की ऐसी नेमत है जिसे परिंदे, जानवर और इंसान सब समझते हैं। मगर अजीब बात यह है कि परिंदे मोहब्बत में वफ़ा निभाते हैं, जबकि इंसान कभी-कभी मोहब्बत को भी अपने फ़ायदे का ज़रिया बना लेता है। परिंदे मोहब्बत करते हैं, मगर बदले की उम्मीद नहीं रखते। साथ निभाते हैं, मगर एहसान नहीं जताते। उनके पास अक़्ल नहीं, फिर भी मोहब्बत में सच्चाई है; और इंसान के पास अक़्ल है, मगर कभी-कभी मोहब्बत में ख़ुलूस कम पड़ जाता है। कभी-कभी लगता है कि इंसान को मोहब्बत का सबक़ बड़ी-बड़ी किताबों से पहले अल्लाह की इन छोटी-सी मख़लूक़ात से सीखना चाहिए। क्योंकि जहाँ स्वार्थ ख़त्म होता है, वहीं से सच्ची मोहब्बत शुरू होती है। *-मौलाना क़ारी इसहाक़ गोरा*