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▶️.....क्रिकेट अकादमी के नाम पर घाट की जमीन पर कब्जे की तैयारी? लखनऊ। ठाकुरगंज क्षेत्र के गुल्लाला घाट के पास हजारों वर्गफीट सरकारी जमीन को क्रिकेट अकादमी के नाम पर आवंटित किए जाने का मामला स्थानीय लोगों
Indra Kumar Singh
(UTTAR PRADESH, BARABANKI)
▶️.....क्रिकेट अकादमी के नाम पर घाट की जमीन पर कब्जे की तैयारी? लखनऊ। ठाकुरगंज क्षेत्र के गुल्लाला घाट के पास हजारों वर्गफीट सरकारी जमीन को क्रिकेट अकादमी के नाम पर आवंटित किए जाने का मामला स्थानीय लोगों
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Indra Kumar Singh
07 Jun, 2026▶️......क्रिकेट अकादमी के नाम पर घाट की जमीन पर कब्जे की तैयारी? लखनऊ। ठाकुरगंज क्षेत्र के गुल्लाला घाट के पास हजारों वर्गफीट सरकारी जमीन को क्रिकेट अकादमी के नाम पर आवंटित किए जाने का मामला स्थानीय लोगों के बीच चर्चा और नाराजगी का विषय बना हुआ है। आरोप है कि यह जमीन एक पूर्व मंत्री के भाई को दी गई है, जबकि इस फैसले के दूरगामी प्रभावों पर किसी ने गंभीरता से विचार नहीं किया। गुल्लाला घाट वर्षों से आम जनता की आवाजाही, धार्मिक गतिविधियों और सामाजिक आयोजनों का केंद्र रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि घाट के आसपास की खुली सरकारी जमीन पर स्थायी निर्माण या निजी गतिविधियां बढ़ीं, तो भविष्य में यहां आने वाले हजारों लोगों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ सकता है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या सरकारी जमीन का उपयोग वास्तव में जनहित में हो रहा है या फिर प्रभावशाली लोगों को लाभ पहुंचाने के लिए सार्वजनिक संसाधनों का बंटवारा किया जा रहा है? क्रिकेट अकादमी की आड़ में घाट के आसपास की खुली जगह सिमटने का खतरा पैदा हो गया है, जिससे यातायात, पार्किंग और आम लोगों की पहुंच प्रभावित हो सकती है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि प्रशासन को यह स्पष्ट करना चाहिए कि आवंटन की प्रक्रिया कितनी पारदर्शी रही, किन नियमों के तहत जमीन दी गई और भविष्य में घाट क्षेत्र पर इसका क्या असर पड़ेगा। सवाल यह भी उठ रहा है कि यदि यही जमीन किसी आम नागरिक या सामाजिक संस्था को चाहिए होती, तो क्या इतनी आसानी से आवंटन संभव हो पाता? फिलहाल जनता के मन में एक ही प्रश्न गूंज रहा है—क्या शहर के सार्वजनिक घाट और सरकारी जमीनें आम लोगों के लिए बचेंगी, या फिर रसूखदारों के हितों के आगे जनसुविधाएं लगातार कुर्बान होती रहेंगी?