Now Playing
▶️.....क्रिकेट अकादमी के नाम पर घाट की जमीन पर कब्जे की तैयारी? लखनऊ। ठाकुरगंज क्षेत्र के गुल्लाला घाट के पास हजारों वर्गफीट सरकारी जमीन को क्रिकेट अकादमी के नाम पर आवंटित किए जाने का मामला स्थानीय लोगों
Indra Kumar Singh
(UTTAR PRADESH, BARABANKI)
▶️.....क्रिकेट अकादमी के नाम पर घाट की जमीन पर कब्जे की तैयारी? लखनऊ। ठाकुरगंज क्षेत्र के गुल्लाला घाट के पास हजारों वर्गफीट सरकारी जमीन को क्रिकेट अकादमी के नाम पर आवंटित किए जाने का मामला स्थानीय लोगों
देर रात को बच्चा गंग नहर में फेंका गया है जिसके लिए पीएसी की दो टीम तलाश में लगाई गई है। आरोपी ने इसी स्थान पर बच्चे को
बैंगलोर में तेज रफ्तार ट्रक ने पहले एक ट्रैक्टर में टक्कर मारी, फिर डिवाइडर पार करके सामने से आ रहे वाहन से जा टकराया CCTV में कैद हुआ पूरा हादसा
ई रजिस्ट्री के विरोध में माट तहसील में अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन जारी
बांसडीह कस्बे में भाजपा की विरिष्ठ नेत्री की आकस्मिक निधन से शोक में डूबे लोग
जलालाबाद के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पर DM का छापा मारा
बिजली विभाग की प्रताड़ना से आजिज आकर किया सुसाइड ,अब जिलाधिकारी ने भी जाँच के बाद दिया कार्यवाही का निर्देश
थाना रिफाइनरी गांव अग्नपुरा ऊंचाई से गिरा राजमिस्त्री
*मरदह पुलिस मुठभेड़ की जानकारी देते क्षेत्राधिकारी कासिमाबाद👆*
सहारनपुर जैन बाग स्थित बिजली घर पर 11:44 तक कोई भी कर्मचारी नहीं आया लोग परेशान हैं स्टाफ का एक भी आदमी समय पर नहीं
MANT-सुबह-सुबह गांव में चली गोली, जांघ में लगी फायरिंग… आखिर किस बात पर हुआ खूनी विवाद,,
Comments (1)
Indra Kumar Singh
07 Jun, 2026▶️......क्रिकेट अकादमी के नाम पर घाट की जमीन पर कब्जे की तैयारी? लखनऊ। ठाकुरगंज क्षेत्र के गुल्लाला घाट के पास हजारों वर्गफीट सरकारी जमीन को क्रिकेट अकादमी के नाम पर आवंटित किए जाने का मामला स्थानीय लोगों के बीच चर्चा और नाराजगी का विषय बना हुआ है। आरोप है कि यह जमीन एक पूर्व मंत्री के भाई को दी गई है, जबकि इस फैसले के दूरगामी प्रभावों पर किसी ने गंभीरता से विचार नहीं किया। गुल्लाला घाट वर्षों से आम जनता की आवाजाही, धार्मिक गतिविधियों और सामाजिक आयोजनों का केंद्र रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि घाट के आसपास की खुली सरकारी जमीन पर स्थायी निर्माण या निजी गतिविधियां बढ़ीं, तो भविष्य में यहां आने वाले हजारों लोगों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ सकता है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या सरकारी जमीन का उपयोग वास्तव में जनहित में हो रहा है या फिर प्रभावशाली लोगों को लाभ पहुंचाने के लिए सार्वजनिक संसाधनों का बंटवारा किया जा रहा है? क्रिकेट अकादमी की आड़ में घाट के आसपास की खुली जगह सिमटने का खतरा पैदा हो गया है, जिससे यातायात, पार्किंग और आम लोगों की पहुंच प्रभावित हो सकती है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि प्रशासन को यह स्पष्ट करना चाहिए कि आवंटन की प्रक्रिया कितनी पारदर्शी रही, किन नियमों के तहत जमीन दी गई और भविष्य में घाट क्षेत्र पर इसका क्या असर पड़ेगा। सवाल यह भी उठ रहा है कि यदि यही जमीन किसी आम नागरिक या सामाजिक संस्था को चाहिए होती, तो क्या इतनी आसानी से आवंटन संभव हो पाता? फिलहाल जनता के मन में एक ही प्रश्न गूंज रहा है—क्या शहर के सार्वजनिक घाट और सरकारी जमीनें आम लोगों के लिए बचेंगी, या फिर रसूखदारों के हितों के आगे जनसुविधाएं लगातार कुर्बान होती रहेंगी?