Now Playing
1
Indra Kumar Singh
(UTTAR PRADESH, BARABANKI)
1
वृंदावन धार्मिक नगरी वृंदावन में रोजाना हजारों श्रद्धालु बांके बिहारी मंदिर के दर्शन के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में सड़क पर खुले पड़े बिजली के तार और क्षतिग्रस्त पैनल किसी बड़े हादसे को न्योता दे रहे हैं। स्थानीय लोगों ने विद्युत विभाग से तत्काल पैनल को दुरुस्त कराने और खुले तारों को सुरक्षित करने की मांग की है। अब सवाल यह है कि विभाग कब जागेगा—हादसे से पहले या फिर किसी बड़े हादसे के बाद?
मथुरा के पत्रकार की बाइक नंबर प्लेट का हुआ फर्जी इस्तेमाल हरियाणा में कटा चालान मथुरा एस एस पी से की एफ आई आर की मांग
जेई पर रिश्वतखोरी और किसानों के उत्पीड़न का आरोप, भाकियू ने कार्रवाई की मांग
गाजियाबाद से गोरखपुर जा रही ट्रेन में अकेले सफर कर रही मीनाक्षी के साथ एक मनचले ने कथित तौर
UP: चावल में रंग मिलाकर नकली हल्दी बनायी जा रही है। पूरी छापामारी में असली हल्दी का एक टुकड़ा भी नहीं मिला है। कानपुर में
सावन में सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने की कथित साजिश नाकाम, शिव मंदिर से शिवलिंग ले जाते युवक को मुस्लिमों ने पकड़ा
फरह कस्बा में 51 कलशो के साथ निकाली गई भव्य कलश यात्रा लाइव न्यूज़
MANT-श्रद्धालुओं को निशाना बनाने वालों पर टूटा पुलिस का कहर, देर रात हुई बड़ी, कार्रवाई,,
नेशनल इंटर कॉलेज का परिचारक पेट्रोल छिड़कर आत्महत्या की किया कोशिश,DIOS पर लगाया गंभीर आरोप
पिता ने गर्भवती बेटी को चंबल में डुबोकर मारा ओनर कलिंग का मामला सामने आया दक्षिणी दिल्ली निवासी पिता लखपत मैं18 वर्ष
Comments (1)
Indra Kumar Singh
02 May, 2026➡️.....मुंबई–पुणे एक्सप्रेसवे का मिसिंग लिंक टनल प्रोजेक्ट गिनीज विश्व रिकॉर्ड में दर्ज, भारत की सबसे आधुनिक और सुरक्षित सड़क परियोजनाओं में शामिल* मुंबई–पुणे एक्सप्रेसवे के मिसिंग लिंक टनल प्रोजेक्ट को गिनीज विश्व रिकॉर्ड में दर्ज किया गया है। *इस पूरे मार्ग में कई सुरंगें और पुल शामिल हैं। एक बड़ी सुरंग लगभग 8.87 किलोमीटर लंबी है और दूसरी लगभग 1.68 किलोमीटर की है। बीच-बीच में सुरक्षा के लिए हर कुछ सौ मीटर पर आपातकालीन रास्ते बनाए गए हैं ताकि किसी भी स्थिति में सुरक्षित निकास संभव हो सके।* इस नए मार्ग से पुराना घाट वाला रास्ता लगभग 19 किलोमीटर का था, जबकि नया मार्ग बनने के बाद दूरी में लगभग 6 किलोमीटर की कमी आ गई है, जिससे यात्रा और तेज तथा सुविधाजनक हो गई है। *इस परियोजना का मार्ग खोपोली निकास से लेकर लोनावला क्षेत्र तक फैला हुआ है और इसमें खालापुर–खोपोली खंड का आठ लेन तक विस्तार भी शामिल है। इसकी कुल लागत लगभग 6695 करोड़ रुपए से अधिक है। टाइगर घाटी क्षेत्र में देश का सबसे ऊंचा केबल आधारित पुल भी बनाया गया है, जिसकी ऊंचाई लगभग 182 मीटर है।* यह परियोजना भारत के सबसे आधुनिक और सुरक्षित सड़क विकास कार्यों में से एक मानी जा रही है। इस प्रोजेक्ट में वाहनों को अधिकतम लगभग 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से सुरक्षित तरीके से चलाने की सुविधा दी गई है, जिससे यात्रा अधिक सुगम और आरामदायक हो जाती है। इस परियोजना से यात्रा का समय लगभग 30 मिनट तक कम हो जाएगा और रोजाना लगभग 9 करोड़ रुपए कीमत के ईंधन की बचत होने का अनुमान है। *इसमें आधुनिक वायु गुणवत्ता नियंत्रण और आपातकालीन सुरक्षा व्यवस्था भी लगाई गई है, जिसमें मदद बुलाने की व्यवस्था और सार्वजनिक घोषणा प्रणाली जैसी सुविधाएं शामिल हैं*