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गाने पर रोक नहीं, फिर नृत्य पर मुकदमा क्यों?” — पुणे प्रकरण पर आज़ाद समाज पार्टी का सवाल
shrimant surpam
(MAHARSHATRA, GADCHIROLI)
गाने पर रोक नहीं, फिर नृत्य पर मुकदमा क्यों?” — पुणे प्रकरण पर आज़ाद समाज पार्टी का सवाल
गणेशोत्सवच्या पार्श्वभूमीवर उदगीर शहरात पोलिसांचा रुट मार्च
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नशा मुक्ति अभियान को लेकर हरियाणा के युवक ने छेड़ी मुहिम
जिल्ह्याच्या इतिहासात पहिल्यांदाच लातूर जिल्हा मोठ्या दुष्काळाच्या दिशेने,आमदार संभाजी पाटील निलंगेकर
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लातूर जहिराबाद महामार्गावर टायर जाळून मराठा बांधवांचे रास्ता रोको
ग्राम रेडवा येथे बैलपोळा शांततेत पार पडले गावातील सरपंच नायक कारभारी नागरिक व शेतकरी उत्साहाने बैलपोळा पार पाडले
रेडवा तांडा येथे बैलपोळा शांततेपणे सरपंच नायक कारभारी यांच्यावतीने पार पडला नॅशनल मीडिया रिपोर्टर रामदत्त राठोड
आटपाडी दुय्यम निबंधक कार्यालयात मनमानीचा कारभार.पाच दिवसांपासून रजिस्ट्रार दुपारी दोननंतरच हजर नागरिकांचा वेळ वाया प्
पाणंद रस्ता खुला करून द्यावा अन्यथा आंदोलन,तहसीलदार राम बोरगावकर यांना निवेदन
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shrimant surpam
22 Apr, 2026“गाने पर रोक नहीं, फिर नृत्य पर मुकदमा क्यों?” — पुणे प्रकरण पर आज़ाद समाज पार्टी का सवाल प्रतिनिधि | गडचिरोली पुणे के विश्रांतवाड़ी स्थित शासकीय छात्रावास में डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर जयंती के अवसर पर आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम के दौरान “हिडमा” गीत पर नृत्य करने के मामले में गडचिरोली के दो छात्रों पर केस दर्ज किए जाने से विवाद खड़ा हो गया है। इस कार्रवाई के खिलाफ आज़ाद समाज पार्टी ने कड़ा विरोध जताते हुए मामले तुरंत वापस लेने की मांग की है। मामला क्या है? किरण गोमासे और श्रीनिवास कुमरी, जो गडचिरोली जिले के निवासी हैं और पुणे में उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं, समाज कल्याण छात्रावास में रहते हैं। आंबेडकर जयंती कार्यक्रम के दौरान उन्होंने “हिडमा” नामक गीत पर नृत्य प्रस्तुत किया था। पुलिस का आरोप है कि यह गीत कथित नक्सल कमांडर हिडमा से जुड़ा है और इससे देश की एकता व अखंडता पर असर पड़ सकता है। इसी आधार पर छात्रों पर संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। आज़ाद समाज पार्टी की प्रतिक्रिया पार्टी के जिला अध्यक्ष राज बन्सोड ने प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा: संबंधित गीत यूट्यूब जैसे प्लेटफॉर्म पर आसानी से उपलब्ध है यदि गीत आपत्तिजनक है, तो उसके निर्माता, गायक या प्रसारकों पर कार्रवाई क्यों नहीं की गई? गीत पर कोई आधिकारिक प्रतिबंध नहीं है, फिर केवल नृत्य करने वाले छात्रों पर मामला दर्ज करना अन्यायपूर्ण है उन्होंने इसे संविधान के मूल्यों के खिलाफ बताया। छात्रों के समर्थन में पार्टी का कहना है कि दोनों छात्र केवल सांस्कृतिक प्रस्तुति दे रहे थे और उनका किसी भी नक्सलवादी विचारधारा से कोई संबंध नहीं है। आदिवासी संस्कृति को प्रदर्शित करना अपराध नहीं माना जाना चाहिए। प्रमुख मांगें छात्रों पर दर्ज मामले तुरंत वापस लिए जाएं पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच हो न्याय नहीं मिलने पर राज्यव्यापी आंदोलन की चेतावनी इस दौरान ज्ञापन सौंपते समय आज़ाद समाज पार्टी के जिला प्रभारी विनोद मडावी, जिला अध्यक्ष राज बन्सोड, कोषाध्यक्ष नागसेन खोब्रागड़े, क्षितिज दुर्गमवार, निखिल निकोडे, नितीन सहित कई कार्यकर्ता उपस्थित रहे।