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गाने पर रोक नहीं, फिर नृत्य पर मुकदमा क्यों?” — पुणे प्रकरण पर आज़ाद समाज पार्टी का सवाल
shrimant surpam
(MAHARSHATRA, GADCHIROLI)
गाने पर रोक नहीं, फिर नृत्य पर मुकदमा क्यों?” — पुणे प्रकरण पर आज़ाद समाज पार्टी का सवाल
उदगीर येथील महसूल विभागाच्या कर्मचाऱ्यांनी संप पुकारला
आदिवासी विकास को लेकर संगठन को मजबूत करने का संकल्प माजी आमदार डॉ देवराव होळी
“रात में बुलावा, सुबह मौत—बगहा की इस कहानी में छिपा है कौन सा राज?”
➡️...लखनऊ के हुसैनाबाद घंटाघर के सामने स्थित झुग्गी बस्ती में अचानक भीषण आग लगने से इलाके में अफरा-तफरी मच गई। आग इतनी तेज थी कि कुछ ही मिनटों में कई झुग्गियां इसकी चपेट में आ गईं।
गडचिरोली पुलिस ने अवैध जुआ के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए जंगल में चल रहे जुआ अड्डे पर छापा मारा है।
चौतरवा थाने कि पुलिस ने मानव तस्करी के मामले में एक को किया गिरफ्तार
➡️.....Barabanki में 15 महीने का निर्विवाद कार्यकाल पूरा करने के बाद शशांक त्रिपाठी की विदाई,
➡️.....मुरादाबाद-पीतल नगरी में मुरादाबाद विकास प्राधिकरण ने ऑटोमोबाइल इंडस्ट्रीज से निकले धातु कचरे से 7 अजूबा पार्क बनाया है। पार्क में विश्व के 7 अजूबों के साथ देश की धरोहरों को भी शामिल किया गया है।
राज्य मंत्री आशीष जयस्वाल 23 अप्रैल 2026 को गडचिरोली जिले के दौरे पर रहेंगे
लखीमपुर खीरी कोतवाली तिकोनिया पेट्रोल पम्प पर ग्रामीणों की भारी संख्या में भीड़ उमड़ी
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shrimant surpam
22 Apr, 2026“गाने पर रोक नहीं, फिर नृत्य पर मुकदमा क्यों?” — पुणे प्रकरण पर आज़ाद समाज पार्टी का सवाल प्रतिनिधि | गडचिरोली पुणे के विश्रांतवाड़ी स्थित शासकीय छात्रावास में डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर जयंती के अवसर पर आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम के दौरान “हिडमा” गीत पर नृत्य करने के मामले में गडचिरोली के दो छात्रों पर केस दर्ज किए जाने से विवाद खड़ा हो गया है। इस कार्रवाई के खिलाफ आज़ाद समाज पार्टी ने कड़ा विरोध जताते हुए मामले तुरंत वापस लेने की मांग की है। मामला क्या है? किरण गोमासे और श्रीनिवास कुमरी, जो गडचिरोली जिले के निवासी हैं और पुणे में उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं, समाज कल्याण छात्रावास में रहते हैं। आंबेडकर जयंती कार्यक्रम के दौरान उन्होंने “हिडमा” नामक गीत पर नृत्य प्रस्तुत किया था। पुलिस का आरोप है कि यह गीत कथित नक्सल कमांडर हिडमा से जुड़ा है और इससे देश की एकता व अखंडता पर असर पड़ सकता है। इसी आधार पर छात्रों पर संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। आज़ाद समाज पार्टी की प्रतिक्रिया पार्टी के जिला अध्यक्ष राज बन्सोड ने प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा: संबंधित गीत यूट्यूब जैसे प्लेटफॉर्म पर आसानी से उपलब्ध है यदि गीत आपत्तिजनक है, तो उसके निर्माता, गायक या प्रसारकों पर कार्रवाई क्यों नहीं की गई? गीत पर कोई आधिकारिक प्रतिबंध नहीं है, फिर केवल नृत्य करने वाले छात्रों पर मामला दर्ज करना अन्यायपूर्ण है उन्होंने इसे संविधान के मूल्यों के खिलाफ बताया। छात्रों के समर्थन में पार्टी का कहना है कि दोनों छात्र केवल सांस्कृतिक प्रस्तुति दे रहे थे और उनका किसी भी नक्सलवादी विचारधारा से कोई संबंध नहीं है। आदिवासी संस्कृति को प्रदर्शित करना अपराध नहीं माना जाना चाहिए। प्रमुख मांगें छात्रों पर दर्ज मामले तुरंत वापस लिए जाएं पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच हो न्याय नहीं मिलने पर राज्यव्यापी आंदोलन की चेतावनी इस दौरान ज्ञापन सौंपते समय आज़ाद समाज पार्टी के जिला प्रभारी विनोद मडावी, जिला अध्यक्ष राज बन्सोड, कोषाध्यक्ष नागसेन खोब्रागड़े, क्षितिज दुर्गमवार, निखिल निकोडे, नितीन सहित कई कार्यकर्ता उपस्थित रहे।