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➡️.....बस्ती में एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहाँ जिंदा व्यक्ति को सरकारी कागज़ों में मृत घोषित कर दिया गया
Indra Kumar Singh
(UTTAR PRADESH, BARABANKI)
➡️.....बस्ती में एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहाँ जिंदा व्यक्ति को सरकारी कागज़ों में मृत घोषित कर दिया गया
UP के प्रतापगढ़ जिले से दिनभर की बड़ी खबरें। 18/06/2026 #pratapgarh #latestnews @reporteJitendra
बाइक पार्ट्स की दुकान में लाखों की चोरी, जांच में जुटी पुलिस।
अम्बेडकरनगर। जनपद में आगामी 21 जून को आयोजित होने वाली नीट परीक्षा को सकुशल, निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के संबंध में पुलिस अधीक्षक प्राची सिंह ने आवश्यक जानकारी देते हुए अपनी बाइट दी।
सिधौल गांव में हुई मारपीट की घटना में एक महिला हुई जख्मी, पीएचसी में इलाज
सिरदला प्रखंड परिसर में डिजिटल वसुधा केंद्र का बीडीओ ने किया उद्घाटन
बांका चांदन में शिकायत जांच के दौरान भारी बवाल,जीविका सीएम सबीना खातून के पति कासिम अंसारी ने बीपीएम को को दिया धमकी.
मुहर्रम को लेकर प्रतापगढ़ पुलिस अलर्ट एसपी दीपक भूकर ने सुरक्षा व्यवस्थाओं की दी जानकारी#latest_news
पुलिस ने तीन एनबीडब्ल्यू कोर्ट वारंटी को गिरफ्तार कर भेजा जेल
फर्जी नियुक्ति व एडमिशन घोटाले का आरोपी गिरफ्तार शाहजहाँपुर। पुवायाँ पुलिस ने मैनेजर की फर्जी नियुक्ति और छात्रों के फर्जी एडमिशन के नाम पर धोखाधड़ी करने के मामले में वांछित आरोपी रामहरि यादव को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उसे निगोही रोड स्थित एसडीएम मोड़ के पास से दबोचा। मामले में अन्य आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। आरोपी के विरुद्ध आवश्यक विधिक कार्रवाई कर न्यायालय में पेश किया जा रहा है।
पंचायत भवन में कर्मचारी नदारद, लाभुक परेशान।
Comments (1)
Indra Kumar Singh
17 Apr, 2026➡️.....बस्ती में एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहाँ जिंदा व्यक्ति को सरकारी कागज़ों में मृत घोषित कर दिया गया इशहाक अली, जो सरकारी अस्पताल में कर्मचारी थे, 31 दिसंबर 2019 को सेवानिवृत्त हुए, लेकिन उससे करीब 7 साल पहले ही राजस्व अभिलेखों में उन्हें मृत दर्ज कर दिया गया आरोप है कि लेखपाल ने उनकी पैतृक जमीन उन्हें मृत दिखाकर एक महिला के नाम दाखिल-खारिज कर दी इसी के विरोध में इशहाक अली कफ़न ओढ़कर डीएम कार्यालय पहुंचे और अधिकारियों के सामने खुद को जिंदा साबित करने की कोशिश की पिछले 7 वर्षों से वह सरकारी रिकॉर्ड में अपनी पहचान और हक वापस पाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं