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➡️.....बस्ती में एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहाँ जिंदा व्यक्ति को सरकारी कागज़ों में मृत घोषित कर दिया गया
Indra Kumar Singh
(UTTAR PRADESH, BARABANKI)
➡️.....बस्ती में एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहाँ जिंदा व्यक्ति को सरकारी कागज़ों में मृत घोषित कर दिया गया
बेटियों को शिक्षा, सपनों की उड़ान! प्रशासन का संकल्प, समाज को नई दिशा
आज ही करें स्व-गणना, कल पाएंगे बेहतर सुविधाएं’ डीएम का आह्वान, बांका में तेज हुई मुहिम
➡️.....मादर$द भाग यहाँ से उठ... उत्तर प्रदेश में हरदोई पुलिस के पास बुजुर्ग राजेश अपनी ज़मीन का विवाद लेकर थाना कछौना पहुंचे थे, दरोग़ा जी ने माँ-बहन की गालियाँ दी, धक्का दिया, अभद्रता की,और धक्के मारकर भगा दिया थाना - कछौना का मामला निलंबित कर दिया गया है
“CM की कुर्सी पर सवालों का साया! सम्राट चौधरी पर PK का तीखा हमला”
चलती बाइक पर बंदर का हमला, पति-पत्नी गंभीर रूप से घायल।
.➡️....मूड खराब हो, काम मे मन न लग रहा हो, बोरियत सी लग रही हो उपाय- इंस्टाग्राम खोलिये और इस तरह की 4 -5 रील देख डालिये मूड एकदम फन्ने खां हो जाएगा, चेहरे पर मुस्कान/हंसी आ जायेगी, काम मे मन लगने लगेगा सोचिये ऐसे लोग कितनो का भला कर रहे हैं Ama.jane.do. ☺️
➡️.....बहराइच में आरती की उसी के देवर ने कुल्हाड़ी से काटकर हत्या कर दी आरती के पति की एक साल पहले सड़क हादसे में मौत हो गयी उसका इन्श्योरेंस का पैसा उसके बैंक खाते में आया था देवर वह पैसा भाभी से छीनना चाहता था आरती ने विरोध किया तो देवर ने हाथ-पांव बांधकर उसकी हत्या कर दी
➡️....गुजरात : भावनगर पुलिस ने नकली शराब बनाने की फैक्ट्री पकड़ी है। इसे ब्रांडेड बोतलों में भरकर बेचा जा रहा था। 6 आरोपी गिरफ्तार हैं। सनद रहे कि गुजरात एक ड्राई स्टेट है
➡️.....पूछती है सहारनपुर की जनता स्कूल के बच्चे और उनके अभिभावक* आखिर सहारनपुर में स्कूल के बच्चों के टाइम में भी क्यों नहीं बंद हो
➡️.....ओरिजिनल शहद में प्रतिबंधित राइस सिरप मिलाया गया था। न तो मार्का था, न एक्सपायरी डेट और न ही कोई लेबल था हापुड़ (यूपी)
Comments (1)
Indra Kumar Singh
17 Apr, 2026➡️.....बस्ती में एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहाँ जिंदा व्यक्ति को सरकारी कागज़ों में मृत घोषित कर दिया गया इशहाक अली, जो सरकारी अस्पताल में कर्मचारी थे, 31 दिसंबर 2019 को सेवानिवृत्त हुए, लेकिन उससे करीब 7 साल पहले ही राजस्व अभिलेखों में उन्हें मृत दर्ज कर दिया गया आरोप है कि लेखपाल ने उनकी पैतृक जमीन उन्हें मृत दिखाकर एक महिला के नाम दाखिल-खारिज कर दी इसी के विरोध में इशहाक अली कफ़न ओढ़कर डीएम कार्यालय पहुंचे और अधिकारियों के सामने खुद को जिंदा साबित करने की कोशिश की पिछले 7 वर्षों से वह सरकारी रिकॉर्ड में अपनी पहचान और हक वापस पाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं