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➡️.....हरिद्वार धर्म प्रशिक्षण शिविर के प्रत्येक विषय को मनोविज्ञान के अनुसार प्रस्तुत किया गया*
Indra Kumar Singh
(UTTAR PRADESH, BARABANKI)
➡️.....हरिद्वार धर्म प्रशिक्षण शिविर के प्रत्येक विषय को मनोविज्ञान के अनुसार प्रस्तुत किया गया*
आदिवासी समाज एकत्र येतोय शिक्षण व राजकारणाबद्दल जागुतीची नवी लाट रवींद्र महाराज कोवे
जलालाबाद के श्रीराम टॉकीज के पास भाजपा नेत्री अपूर्वा ठाकुर के कार्यालय का भव्य उद्घाटन
ପ୍ରତିବର୍ଷ ଭଳି ଆଜି ଚିତ୍ରଡ। ଧର୍ମ କ୍ଷେତ୍ର ରେ ପ୍ରଭୁ ଶ୍ରୀ ଜଗନ୍ନାଥ ଙ୍କ ଚନ୍ଦନ ଯାତ୍ରା ଅନୁଷ୍ଠିତ ହୋଇଯାଇଛି।
पुलिस द्वारा पकड़े गए दोनों अभियुक्त गिरफ्तार चोरी का माल बरामद
शाहजहांपुर पुलिस लाइन रिजर्व चोरी का सामान बरामद किया
दो अभियुक्त गिरफ्तार निगोही से शाहजहांपुर
जलालाबाद परशुराम मंदिर के बारे में महंत ने बताया
गर्भाशय की कैंसर से बचने के लिए टीकाकरण जरूरी, गार्ड शील वैक्सीन है सुरक्षित
अतिक्रमण हटाने के दौरान बड़ी लापरवाही,ध्वस्त करने के दौरान दो कर्मी अंदर फंसे,काम रोक कर निकल गया बाहर
एचपीवी टीकाकरण को लेकर बीडीओ ने प्रधान शिक्षकों के साथ की बैठक
Comments (1)
Indra Kumar Singh
06 Apr, 2026*हरिद्वार धर्म प्रशिक्षण शिविर के प्रत्येक विषय को मनोविज्ञान के अनुसार प्रस्तुत किया गया* 1️⃣कक्षा के आरम्भ में व बीच बीच मे अवकाश होने पर व्यायाम कराए जाने से प्रत्येक सदस्य आलस्य मुक्त बना रहा 2️⃣भोजन सुबह 8 बजे भरपेट करने से दिनभर ऊर्जा बनी रही , दोपहर को फलाहार व सांय ठीक 6 बजे अल्पाहार से स्फूर्ति व ताजगी प्रत्येक सदस्य के भीतर देखने को मिली 3️⃣अष्टांगयोग की कक्षा करना प्रत्येक शिविरार्थी के लिए अनिवार्य था , जिसका परिणाम यह हुआ कि वेदों के जटिल सिद्धान्त भी शीघ्रता से सीख लिए गए 4️⃣जो बताया जा रहा था वही बड़े स्क्रीन पर वीडियो व चित्रों के माध्यम से दिख भी रहा था जिसका परिणाम यह हुआ कि प्रत्येक सिद्धांत कानो व आंखों द्वारा अधिक गहराई से मस्तिष्क में स्थापित हो गया 5️⃣न्यायदर्शन के प्रमाणों की व्याख्या कक्षा के आरम्भ में करने से सत्य खोजने से सभी शिविरार्थियों को सरलता भी हुई व उत्साह का स्तर भी ऊंचा था। 6️⃣शिविर, न तो एक मिनट भी देरी से आरम्भ हुआ और न ही एक मिनट की देरी से समाप्त हुआ, इस अनुशासन ने शिविर की व्यवस्थाओं को द्र्ढ बना दिया 7️⃣ इस शिविर में अनुशासन, जाग्रति, भागीदारी, जिम्मेदारी जैसे गुण प्रत्येक सदस्य के द्वारा प्रदर्शित हुए, वही दूसरी ओर न आलस्य दिखाई दिया, न घमंड,न हठ ओर न ही दुराग्रह।