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लखनऊ - “आलू की सैंडविच, आलू के पराठे, आलू की पूरी, आलू की सब्जी… आखिर आलू कब तक खाएं?” इसी शिकायत के साथ लखनऊ विश्वविद्यालय के गंगा हॉस्टल की छात्राएं धरने पर बैठ गईं। छात्राओं ने यह भी कहा कि चाय में भी पानी ज्यादा होता है
Indra Kumar Singh
(UTTAR PRADESH, BARABANKI)
लखनऊ - “आलू की सैंडविच, आलू के पराठे, आलू की पूरी, आलू की सब्जी… आखिर आलू कब तक खाएं?” इसी शिकायत के साथ लखनऊ विश्वविद्यालय के गंगा हॉस्टल की छात्राएं धरने पर बैठ गईं। छात्राओं ने यह भी कहा कि चाय में भी पानी ज्यादा होता है
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Indra Kumar Singh
26 Feb, 2026लखनऊ - “आलू की सैंडविच, आलू के पराठे, आलू की पूरी, आलू की सब्जी… आखिर आलू कब तक खाएं?” इसी शिकायत के साथ लखनऊ विश्वविद्यालय के गंगा हॉस्टल की छात्राएं धरने पर बैठ गईं। छात्राओं ने यह भी कहा कि चाय में भी पानी ज्यादा होता है और खाना बेहद खराब गुणवत्ता का दिया जा रहा है। छात्राओं का आरोप है कि मेस का भोजन थर्ड क्लास है, जिसे खाने से कई छात्राओं की तबीयत बिगड़ गई। उल्टियां होने लगीं और एक विधि छात्रा बेहोश भी हो गई, जिसके बाद मामला गंभीर हो गया। इससे नाराज छात्राओं ने हॉस्टल परिसर में प्रदर्शन किया और प्रोवोस्ट से मेस संचालक के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। उनका कहना है कि खाने की गुणवत्ता को लेकर पहले भी कई बार शिकायत की गई, लेकिन प्रशासन ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया, जिसके बाद उन्हें विरोध का रास्ता अपनाना पड़ा।