Now Playing
बिहार; केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने दावा किया है कि नरेंद्र मोदी सरकार के कार्यकाल में प्रतिष्ठित पद्म पुरस्कारों का लोकतंत्रीकरण हुआ है। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि 2014 से पहले, ये पुरस्कार "विशेषाधिकार#politics
Ramagya Sharma
(BIHAR, PATNA)
बिहार; केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने दावा किया है कि नरेंद्र मोदी सरकार के कार्यकाल में प्रतिष्ठित पद्म पुरस्कारों का लोकतंत्रीकरण हुआ है। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि 2014 से पहले, ये पुरस्कार "विशेषाधिकार#politics
नए प्रखंड विकास पदा0 ने फुल्लीडुमर प्रखंड की संभाली कमान, विकास कार्यों में तेजी आने की जनप्रतिनिधियों में जगी आस
पति की दीर्घायु के लिए सुहागिन महिलाओं ने की हरितालिका तीज व्रत
डीएम अंशुल अग्रवाल के अनुशंसा पर दूसरी बार चांदन की कमान संभालते ही बोले सीओ प्रशांत शांडिल्य—सोमवार, बुधवार व शुक्रवार को चांदन में देंगे योगदान, बिना लोभ-लालच करेंगे जनता के मामलों का निष्पादन
पति की दीर्घायु और अखंड सौभाग्य की कामना को लेकर भैरोगंज बाजार के शिव मंदिर में श्रद्धा-भक्तिभाव से मनाई हरितालिका तीज
दो अलग-अलग जगह पर कटखने लंगूर ने हमला कर महिला समेत किशोर को किया जख्मी।
उधार की दवा नहीं देने पर दुकानदार पर कट्टा ताना, कुदाल से किया हमला; छह साल बाद आरोपी दोषी
रजौन बाँक पुनसिया वाजार मै कचरा फैला ग्रामीन परेसान
पति की लंबी आयु के लिए सुहागिन महिलाओं का महापर्व तीज नहाए खाए के साथ शुरू, आज से 24 घंटे का निर्जला उपवास आरंभ
रजौन बांका बिहार माननीय विधायक जी द्वारा
बांका पहुंचे पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश, कटोरिया में जोरदार स्वागत; पंचायत चुनाव पर बोले—अभी समय-सीमा तय नहीं
Comments (1)
Ramagya Sharma
11 Sep, 2025'जनता के लिए पद्म': अनुराग ठाकुर का कहना है कि मोदी सरकार ने पुरस्कारों में बदलाव लाया बिहार; केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने दावा किया है कि नरेंद्र मोदी सरकार के कार्यकाल में प्रतिष्ठित पद्म पुरस्कारों का लोकतंत्रीकरण हुआ है। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि 2014 से पहले, ये पुरस्कार "विशेषाधिकार प्राप्त पद्म" थे, जो कुछ चुनिंदा लोगों को दिए जाते थे, लेकिन अब ये "जनता के लिए पद्म" हैं, जो जीवन के सभी क्षेत्रों के योग्य व्यक्तियों को सही मायने में पहचान देते हैं। ठाकुर की यह टिप्पणी चयन प्रक्रिया में आए बदलाव को उजागर करने के लिए थी। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने उन "गुमनाम नायकों" और ज़मीनी स्तर पर उपलब्धि हासिल करने वालों को सम्मानित करने पर ध्यान केंद्रित किया है जिन्होंने समाज में महत्वपूर्ण योगदान दिया है, लेकिन पहले उनकी अनदेखी की जाती थी। यह दृष्टिकोण राष्ट्रीय पुरस्कारों में पारदर्शिता और योग्यता को बढ़ावा देने के सरकार के व्यापक दृष्टिकोण का हिस्सा है। पर्यावरण कार्यकर्ताओं, लोक कलाकारों और ग्रामीण क्षेत्रों के सामाजिक कार्यकर्ताओं जैसे व्यक्तियों को सम्मानित करके, सरकार यह दिखाना चाहती है कि ये पुरस्कार अब केवल अभिजात वर्ग या उच्च-संपर्क वाले लोगों तक ही सीमित नहीं हैं। ठाकुर का बयान वर्तमान सरकार के दृष्टिकोण और पिछली सरकारों के दृष्टिकोण के बीच स्पष्ट राजनीतिक अंतर को दर्शाता है, तथा इन पुरस्कारों को अधिक समावेशी और समतापूर्ण भारत के प्रतीक के रूप में प्रस्तुत करता है।