Now Playing
मेरठ, उत्तर प्रदेश: हस्तिनापुर से विधायक और उत्तर प्रदेश के राज्य मंत्री दिनेश खटीक को उस समय गुस्साए ग्रामीणों के विरोध का सामना करना पड़ा जब#politics
Ramagya Sharma
(UTTAR PRADESH, MEERUT)
मेरठ, उत्तर प्रदेश: हस्तिनापुर से विधायक और उत्तर प्रदेश के राज्य मंत्री दिनेश खटीक को उस समय गुस्साए ग्रामीणों के विरोध का सामना करना पड़ा जब#politics
मगोर्रा थाना जाजम पट्टी चौराहे पर चलाया गया चेकिंग अभियान
पारदर्शिता और अनुशासन के साथ होगी सिपाही भर्ती परीक्षा, प्रशासन ने पूरी की तैयारी
युवाओं के भविष्य को मिली नई दिशा, रोजगार सह कौशल मेला रहा और प्रेरणादायी
72 वीं संयुक्त प्रारंभिक प्रतियोगिता परीक्षा: कदाचार मुक्त और पारदर्शी आयोजन सुनिश्चित करने की कवायद
बदलते प्रशासन की नई तस्वीर: बांका अभिलेखागार में डिजिटल क्रांति की तैयारी तेज
टेस्टिंग व्हिडिओ
नशे में ट्रक चालक ने पुल पर रोका वाहन, स्थानीय लोगों ने उठाई सख्त कार्रवाई की मांग शाहजहांपुर के नगरिया मोड़ के आगे पुल पर एक ट्रक संदिग्ध हालत में खड़ा मिला। स्थानीय लोगों के अनुसार चालक नशे में था और उसने खुद शराब पीने की बात स्वीकार की। सूचना मिलने पर नगरिया चौकी पुलिस मौके पर पहुंची। लोगों ने शराब पीकर भारी वाहन चलाने वालों के खिलाफ नियमित जांच अभियान चलाकर कड़ी कार्रवाई की मांग की है, ताकि सड़क हादसों पर रोक लगाई जा सके।
जगातील एक नंबर शाळा
जगातली एक नंबर जिल्हा परिषद शाळा
सायबर फसवणूक झाल्यास काय करावे
Comments (1)
Ramagya Sharma
05 Sep, 2025मेरठ के मंत्री दिनेश खटीक को ग्रामीणों के विरोध का सामना करना पड़ा, बाढ़ पीड़ितों ने राहत सामग्री लेने से किया इनकार, सुरक्षित आवास की मांग मेरठ, उत्तर प्रदेश: हस्तिनापुर से विधायक और उत्तर प्रदेश के राज्य मंत्री दिनेश खटीक को उस समय गुस्साए ग्रामीणों के विरोध का सामना करना पड़ा जब वे बाढ़ पीड़ितों को राहत सामग्री वितरित करने गए थे। नाराज ग्रामीणों ने सामग्री लेने से इनकार कर दिया और इसके बजाय मंत्री से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों से दूर सुरक्षित आवासीय भूखंड उपलब्ध कराने की मांग की। गंगा नदी के किनारे बसे गाँव हर साल आने वाली बाढ़ से ग्रस्त हैं, जिससे काफी नुकसान होता है। ग्रामीणों का गुस्सा मंत्री द्वारा इस आवर्ती समस्या के स्थायी समाधान के लिए किए गए पिछले वादे से उपजा है। उन्होंने मंत्री से कहा कि वे हर साल अस्थायी राहत सामग्री प्राप्त करते-करते थक गए हैं और अब उन्हें एक दीर्घकालिक समाधान की आवश्यकता है, जिसमें सुरक्षित स्थानों पर घर बनाने के लिए ज़मीन भी शामिल हो। यह घटना बाढ़ प्रभावित समुदायों की सरकार से केवल तत्काल राहत के अलावा, स्थायी और दीर्घकालिक समाधान की बढ़ती मांग को उजागर करती है।