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सम्राट चौधरी के बयान की आलोचना से जातिगत पदानुक्रम पर बहस छिड़ गई "ब्राह्मण कल भी सर्वोच्च थे और आज भी सर्वोच्च हैं। बिहार आपके मार्गदर्शन में चलेगा। आपके बिना, हम बाएँ-दाएँ#politics

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Ramagya
Ramagya Sharma
25 Jul, 2025

सम्राट चौधरी के बयान की आलोचना से जातिगत पदानुक्रम पर बहस छिड़ गई "ब्राह्मण कल भी सर्वोच्च थे और आज भी सर्वोच्च हैं। बिहार आपके मार्गदर्शन में चलेगा। आपके बिना, हम बाएँ-दाएँ भी नहीं जा सकते।" — सम्राट चौधरी, बिहार के उपमुख्यमंत्री बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नाम से दिए गए इस बयान की जातिगत श्रेष्ठता और सामंती मानसिकता को मज़बूत करने के लिए तीखी आलोचना हुई है। खुद को "शूद्र" बताते हुए, ब्राह्मण वर्चस्व के प्रति चौधरी के सम्मान को व्यापक रूप से मनुवादी (मनुस्मृति-आधारित) पदानुक्रमिक व्यवस्था के समर्थन के रूप में देखा गया है। आलोचकों का तर्क है कि इस तरह की टिप्पणियाँ न केवल भारतीय संविधान में निहित समानता के सिद्धांतों का अपमान करती हैं, बल्कि एक प्रतिगामी मानसिकता को भी दर्शाती हैं जो पिछड़े और हाशिए पर पड़े समुदायों की गरिमा को कम करती है। कार्यकर्ताओं और राजनीतिक टिप्पणीकारों ने इसे आधुनिक भारतीय राजनीति में जाति-आधारित अधीनता का एक विचलित करने वाला उदाहरण बताया है।

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