Now Playing
उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले में शनिवार को तेज आंधी और बारिश के चलते एक बड़ा हादसा हो गया। शहर के एक ACP दफ्तर की छत गिरने से दफ्तर में मौजूद यूपी पुलिस के सब-इंस्पेक्टर वीरेंद्र मिश्रा की मौके पर ही मौत हो गई।#accident
laxmi kant Sharma
(UTTAR PRADESH, GHAZIABAD)
उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले में शनिवार को तेज आंधी और बारिश के चलते एक बड़ा हादसा हो गया। शहर के एक ACP दफ्तर की छत गिरने से दफ्तर में मौजूद यूपी पुलिस के सब-इंस्पेक्टर वीरेंद्र मिश्रा की मौके पर ही मौत हो गई।#accident
क
प्रतापगढ़ बीएसए कार्यालय में हर्ष फायरिंग, लाइसेंसी हथियार के दुरुपयोग पर शिक्षक के खिलाफ केस दर्ज#latest_news
थाना कोसीकलाँ क्षेत्रांतर्गत फरसा वाले बाबा की दुर्घटना में दुखद मृत्यु हो जाने व पुलिस द्वारा की जाने वाली कार्यवाही
मथुरा की घटना का CM योगी ने लिया संज्ञान, बोले- आरोपी किसी हाल में बख्शे नहीं जाएंगे #mathuradm #Myogiaditynaath #SSP #SSPMathura #Mathurapolice #UPPolice #Cmyogi #digrenjagra
गोण्डा, संवेदनशील जगहों पर एस पी ने भ्रमण कर लिया जायजा
जनपद मथुरा में चंद्रशेखर उर्फ फरसा वाले बाबा की सड़क दुर्घटना में दुखद मृत्यु की घटना के सम्बन्ध में वरिष्ठ पुलिस अधीक्ष
मथुराकेछातामेंगौ पुत्रफरसा वाले महाराज जी के गोरक्षक ने न्याय कीगुहारलगाई तो गोरक्षकों को प्रशासन ने बलप्रयोग करते हटाया
फरसा वाले बाबा की संधिग्ध मौत से गुस्साये गोरक्षको ने किया राष्ट्रीय राजमार्ग जाम हुआ पथराव व लाठी चार्ज वीडियो वायरल
मुजफ्फरनगर ईदगाह पहुंचकर सपा राष्ट्रीय महासचिव सांसद हरेंद्र मलिक ने मुस्लिम समुदाय को ईद की शुभकामनाएं दी
▶️......18 मार्च को छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर पहुंचते ही गैस सिलेंडर के लिए लंबी क़तार लगी दिखी,सरकार और प्रशासन का दावे झूठे हैं की रसोई गैस की कोई किल्लत नहीं है। वीडियो में आप कतार में खड़े आम लोगों का दर्द,गुस्सा और रिएक्शन देख सकते हैं।
Comments (1)
laxmi kant Sharma
25 May, 2025प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, अचानक आई तेज आंधी और बारिश के दौरान भवन की छत भरभरा कर गिर गई, जिससे पूरा कार्यालय क्षतिग्रस्त हो गया। राहत और बचाव कार्य तुरंत शुरू किया गया, लेकिन SI वीरेंद्र मिश्रा को नहीं बचाया जा सका। गंभीर सवाल यह भी उठ रहे हैं कि इस कार्यालय की मरम्मत और सौंदर्यीकरण पर करीब ढाई साल पहले लाखों रुपये खर्च किए गए थे। इसके बावजूद इतनी बड़ी संरचनात्मक विफलता ने प्रशासन और निर्माण एजेंसियों की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।