Now Playing
कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे का बयान: "पाकिस्तान के साथ संघर्ष छोटा था", विपक्ष ने उठाए सवाल#politics
Ashok Pawar MD
(DELHI, NEW DELHI)
कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे का बयान: "पाकिस्तान के साथ संघर्ष छोटा था", विपक्ष ने उठाए सवाल#politics
सिरदला प्रखंड के परना डाबर थाना क्षेत्र के लक्ष्मी बीघा गांव में मारपीट की घटना में तीन लोग हुए घायल, पीएचसी में इलाज
सिरदला प्रखंड पंचायती राज पदाधिकारी के दो जेई को दी गई भावभीनी विदाई
UP के प्रतापगढ़ जिले से दिनभर की बड़ी खबरें। 14/06/2026 #pratapgarh #latestnews @reporteJitendra
UP के प्रतापगढ़ जिले से दिनभर की बड़ी खबरें। 14/06/2026 #pratapgarh #latestnews @reporteJitendra
बैंक में लगी भीषण आग,लोगों की गाढ़ी कमाई पर आफत,फायर ब्रिगेड आग बुझाने में जुटी
वृंदावन पंचकोशीय परिक्रमा में उमड़ा भक्ति भाव और आस्था का भारी जन सैलाब
फिरोजाबाद के शिकोहाबाद से दिल दहलाने वाली खबर को देखे
औसा तालुक्यातील बुधोडा जवळ भीषण अपघात तिघे ठार,१७ व्यक्ती जखमी
शाहजहांपुर में केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर "सेवा, संस्कार, सुशासन एवं सम्मान" थीम के तहत सामाजिक कार्यकर्ताओं के साथ संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री Suresh Kumar Khanna तथा प्रभारी मंत्री Narendra Kashyap ने केंद्र और प्रदेश सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं एवं उपलब्धियों की जानकारी दी।
बोलोरो से टक्कर के बाद बाइक सवारों को ट्रक ने रौदा,क्षेत्र पंचायत सदस्य की मौत से मचा कोहराम
Comments (1)
Ashok Pawar MD
21 May, 2025Congress President Kharge's statement: "The conflict with Pakistan was small", opposition raised questions कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के हालिया बयान ने राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है। खड़गे ने कहा कि “पाकिस्तान के साथ संघर्ष छोटा था”, जिसे लेकर अब विपक्षी दलों और सीमावर्ती क्षेत्रों के लोगों की तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। विपक्ष का कहना है कि खड़गे को सीमावर्ती क्षेत्रों का दौरा करना चाहिए और वहाँ के लोगों से स्वयं जानना चाहिए कि क्या संघर्ष वाकई में "छोटा" था। कई नेताओं का मानना है कि इस तरह के बयान उन सैनिकों और नागरिकों के बलिदान को कमतर आंकते हैं, जिन्होंने देश की रक्षा के लिए जान की बाज़ी लगाई। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि ऐसे संवेदनशील मुद्दों पर नेताओं को बेहद सावधानी से बयान देना चाहिए, खासकर तब जब बात राष्ट्रीय सुरक्षा और सीमावर्ती इलाकों की हो।