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"ऑपरेशन सिंदूर: आतंकवाद के खिलाफ भारत की सबसे बड़ी कार्रवाई" - राजनाथ सिंह#latest_news
Ashok Pawar MD
(DELHI, NEW DELHI)
"ऑपरेशन सिंदूर: आतंकवाद के खिलाफ भारत की सबसे बड़ी कार्रवाई" - राजनाथ सिंह#latest_news
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Ashok Pawar MD
15 May, 2025"Operation Sindoor: India's biggest action against terrorism" – Rajnath Singh रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने आज भारत द्वारा चलाए गए "ऑपरेशन सिंदूर" को आतंकवाद के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई करार दिया। उन्होंने यह स्पष्ट किया कि भारत ने पूरी दुनिया के सामने यह साबित कर दिया है कि आतंकवाद के खिलाफ उसकी नीति किसी भी हद तक जा सकती है। राजनाथ सिंह ने कहा, "ऑपरेशन सिंदूर आतंकवाद के ख़िलाफ़ भारत द्वारा चलाई गई अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई है। पैंतीस-चालीस वर्षों से भारत सरहद पार से आतंकवाद का सामना कर रहा है। आज हमने पूरी दुनिया के सामने यह स्पष्ट कर दिया है कि आतंकवाद के ख़िलाफ़ हम किसी भी हद तक जा सकते हैं।" उन्होंने पहलगाम में हालिया आतंकवादी घटना का जिक्र करते हुए कहा कि पाकिस्तान ने भारत की सामाजिक एकता को तोड़ने की कोशिश की, लेकिन भारत ने इस प्रयास का जवाब दिया और आतंकवाद के खिलाफ अपनी कड़ी प्रतिज्ञा को पुनः मजबूत किया। राजनाथ सिंह ने पाकिस्तान को चेतावनी देते हुए कहा, "पाकिस्तान के ज़ख्मों का इलाज इस बात में है कि वह भारत विरोधी और आतंकवादी संगठनों को पनाह देना बंद करे और अपनी ज़मीन का इस्तेमाल भारत के ख़िलाफ़ न होने दे।" उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के इस्लामाबाद डिक्लेरेशन का हवाला दिया, जिसमें पाकिस्तान ने वादा किया था कि वह अपनी ज़मीन से आतंकवाद का निर्यात नहीं करेगा, लेकिन पाकिस्तान ने इसे धोखा दिया। उन्होंने कहा, "अगर आतंकवाद चलता रहा तो यह क़ीमत लगातार बढ़ने वाली है।" राजनाथ सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शब्दों को दोहराते हुए कहा कि "प्रधानमंत्री मोदी ने आतंकवाद के ख़िलाफ़ भारत की नीति को Redefine कर दिया है, जिसमें कहा गया है कि हिंदुस्तान की सरज़मीं पर किया गया कोई भी आतंकी हमला एक act of war माना जाएगा।" उन्होंने यह भी कहा कि आतंकवाद और बातचीत एक साथ नहीं चल सकते, और अगर बातचीत होगी तो केवल आतंकवाद और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) पर ही होगी। भारत द्वारा आतंकवाद के खिलाफ उठाए गए कदमों की प्रशंसा करते हुए, राजनाथ सिंह ने पाकिस्तान के परमाणु हथियारों पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा, "हमने पाकिस्तान के न्यूक्लियर ब्लैकमेल की भी परवाह नहीं की है।" राजनाथ सिंह ने सवाल उठाया, "क्या ऐसे ग़ैर ज़िम्मेदार और rogue nation के हाथों में परमाणु हथियार सुरक्षित हैं?" और भारत की ओर से यह मांग की कि पाकिस्तान के परमाणु हथियारों को IAEA (International Atomic Energy Agency) की निगरानी में लिया जाए।