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ब्रिटेन की संसद में भारत-पाकिस्तान पर चर्चा, विदेश सचिव डेविड लैमी ने आतंकवाद की निंदा की#International
Ashok Pawar MD
(INTERNATIONAL, GREAT BRITAIN)
ब्रिटेन की संसद में भारत-पाकिस्तान पर चर्चा, विदेश सचिव डेविड लैमी ने आतंकवाद की निंदा की#International
UP के प्रतापगढ़ जिले से दिनभर की बड़ी खबरें। 17/06/2026 #pratapgarh #latestnews @reporteJitendra
आज शिवसेना उबाठा वतीने आय जी सुनिल कुमार शर्मा यांना निट आणि सेट परीक्षा घोटाळा प्रश्नाबाबत निवेदन दिले.
▶️.....कोटा: राहुल गांधी की सभा में छात्रों की भारी भीड़*
आज कोल्हापूर मध्ये शिवसेना उबाठा वतीने तहसीलदार यांना रेशन संबंधित निवेदन देण्यात आले.
▶️उत्तर प्रदेश◀️ जिला मिर्जापुर की कलक्ट्रेट में फर्जी इंस्पेक्टर पकड़ा गया*। बालों का स्टाइल, दाढ़ी, सिंगल स्टार, ढीली वर्दी...इन सबसे पब्लिक को शक हुआ। ऑन द स्पॉट ही इसे पकड़कर फैक्ट चेक कर डाला।
आज राजू शेट्टी यांनी व्हिडिओ द्वारे महाराष्ट्र शासन पाण्याचा उपयोग कर्नाटक साठी कसा करत आहे .याबाबत प्रत्यक्ष परिस्थिती दाखविली.
ठाकरे गटाचे खासदार उध्दव ठाकरे यांच्या कार्यपद्धतीवर नाराज,माजी मंत्री अशोक सराफ
▶️.....एमपी के बैतूल में पुलिस को शिकायत मिली वो पति पत्नी के बीच झगड़े को सुलझाने गई .. लेकिन खुद झगड़े में उलझ गई!
MANT-लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर जयंती समारोह, केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी ने किसानों और युवाओं को दिया संदेश,,
▶️......राजधानी लखनऊ में भारत-अफगानिस्तान वनडे मैच को लेकर लखनऊ पुलिस हाई अलर्ट पर!!
Comments (1)
Ashok Pawar MD
15 May, 2025India-Pakistan discussion in UK Parliament, Foreign Secretary David Lammy condemns terrorism लंदन – ब्रिटेन की संसद में भारत और पाकिस्तान की स्थिति को लेकर अहम चर्चा हुई, जिसमें यूके के विदेश सचिव डेविड लैमी ने विशेष रूप से हालिया पहलगाम आतंकी हमले का जिक्र करते हुए उसकी कड़ी निंदा की। डेविड लैमी ने संसद में कहा, "26 लोगों को नंगा करके गोली मार दी गई। हम इसकी स्पष्ट रूप से निंदा करते हैं।" उन्होंने कहा कि आतंकवाद किसी भी रूप में स्वीकार्य नहीं है और इसकी व्यापक रूप से निंदा होनी चाहिए। कश्मीर मुद्दे पर बोलते हुए लैमी ने इसे भारत और पाकिस्तान के बीच का द्विपक्षीय मामला बताया, जिससे यह स्पष्ट संकेत मिलता है कि यूके इस मुद्दे में प्रत्यक्ष हस्तक्षेप नहीं करेगा। संसद में इस चर्चा का उद्देश्य दक्षिण एशिया में शांति, सुरक्षा और मानवाधिकारों की स्थिति पर विचार करना था। लैमी के बयान को भारत में सकारात्मक संकेत के रूप में देखा जा रहा है, जबकि पाकिस्तान की स्थिति पर यूके की सतर्क और संतुलित नीति को दोहराया गया।