Now Playing
संविधान सदन में गुरुदेव रवीन्द्रनाथ टैगोर को उनकी जयंती पर याद कर श्रद्धांजलि दी गई#latest_news
Ashok Pawar MD
(DELHI, NEW DELHI)
संविधान सदन में गुरुदेव रवीन्द्रनाथ टैगोर को उनकी जयंती पर याद कर श्रद्धांजलि दी गई#latest_news
UP के प्रतापगढ़ जिले से दिनभर की बड़ी खबरें। 14/06/2026 #pratapgarh #latestnews @reporteJitendra
UP के प्रतापगढ़ जिले से दिनभर की बड़ी खबरें। 14/06/2026 #pratapgarh #latestnews @reporteJitendra
बैंक में लगी भीषण आग,लोगों की गाढ़ी कमाई पर आफत,फायर ब्रिगेड आग बुझाने में जुटी
वृंदावन पंचकोशीय परिक्रमा में उमड़ा भक्ति भाव और आस्था का भारी जन सैलाब
फिरोजाबाद के शिकोहाबाद से दिल दहलाने वाली खबर को देखे
औसा तालुक्यातील बुधोडा जवळ भीषण अपघात तिघे ठार,१७ व्यक्ती जखमी
शाहजहांपुर में केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर "सेवा, संस्कार, सुशासन एवं सम्मान" थीम के तहत सामाजिक कार्यकर्ताओं के साथ संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री Suresh Kumar Khanna तथा प्रभारी मंत्री Narendra Kashyap ने केंद्र और प्रदेश सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं एवं उपलब्धियों की जानकारी दी।
बोलोरो से टक्कर के बाद बाइक सवारों को ट्रक ने रौदा,क्षेत्र पंचायत सदस्य की मौत से मचा कोहराम
केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने पर प्रभारी मंत्री ने गिनाईं उपलब्धियां शाहजहांपुर में आयोजित प्रेस वार्ता में उत्तर प्रदेश सरकार के प्रभारी मंत्री नरेंद्र कश्यप ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूरे होने पर सरकार की उपलब्धियों का उल्लेख किया। उन्होंने जनधन, आयुष्मान भारत, पीएम किसान, उज्ज्वला, आवास, जल जीवन मिशन और डिजिटल गवर्नेंस जैसी योजनाओं को गरीबों, किसानों, महिलाओं और युवाओं के सशक्तिकरण का आधार बताया।
MANT-भीषण गर्मी भी नहीं रोक पाई कदम, वृंदावन पंचकोशीय परिक्रमा में दिखा,अद्भुत भक्तिभाव,,
Comments (1)
Ashok Pawar MD
09 May, 2025Tribute paid to Gurudev Rabindranath Tagore at Samvidhan Sadan, remembered on his birth anniversary गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर की जयंती के अवसर पर आज संविधान सदन के केन्द्रीय कक्ष में उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित कर नमन किया गया। इस अवसर पर उनके बहुआयामी व्यक्तित्व और योगदान को भावपूर्ण स्मरण किया गया। गुरुदेव का जीवन जितना विविध था, उतना ही प्रेरणादायक भी। वे केवल कवि या लेखक नहीं थे, बल्कि एक उपन्यासकार, नाट्यकार, गीतकार, चित्रकार और शिक्षाविद् के रूप में भी उन्होंने गहरी छाप छोड़ी। उन्होंने भारतीय सांस्कृतिक चेतना को विश्वपटल पर स्थापित किया और शिक्षा के क्षेत्र में शांति निकेतन जैसी संस्थाओं के माध्यम से नई सोच को आकार दिया। राजनीतिक, दार्शनिक और सामाजिक विचारों में भी उनकी दृष्टि दूरदर्शी थी। गुरुदेव का जीवन भारत की ऋषि-मनीषी परंपरा का प्रत्यक्ष प्रतीक है, जो आज भी करोड़ों लोगों को प्रेरणा देता है