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संविधान सदन में गुरुदेव रवीन्द्रनाथ टैगोर को उनकी जयंती पर याद कर श्रद्धांजलि दी गई#latest_news
Ashok Pawar MD
(DELHI, NEW DELHI)
संविधान सदन में गुरुदेव रवीन्द्रनाथ टैगोर को उनकी जयंती पर याद कर श्रद्धांजलि दी गई#latest_news
दिल्ली - नए शिक्षा मंत्री प्रहलाद जोशी का पहला बयान
ये North East दिल्ली का पहला गैंगस्टर हाजी अफ़ज़ाल है।
दिल्ली- प्रहलाद जोशी ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री के अतिरिक्त प्रभार की
धर्मेंद्र प्रधान के स्थिपे के बाद अभिजीत दिपके का fबयान झुकती है दुनिया झुकानेवाला चाहिये
धर्मेंद्र प्रधान इनके इस्तेपेके के बाद राहुल गांधी का बयान
उत्तराखंड पोलीस का जवान स्तीपादेकर आंदोलन मे शामिल
Delhi Police Sub Inspector नौकरी छोड़ पहुंचा
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संसद परिसर में भाजपा सांसदों और विपक्षी सांसदों के बीच नारेबाज़ी के दौरान कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वहीं रुकीं और छात्र हितों से जुड़े मुद्दों को उठाते हुए नारे लगाए। उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की भी मांग की। वहीं, कांग्रेस सांसद राहुल गांधी सदन की ओर रवाना हो गए।
नई दिल्ली - बीती रात प्रदर्शन के दौरान हिंसा की कई घटनाएं सामने आईं।
Comments (1)
Ashok Pawar MD
09 May, 2025Tribute paid to Gurudev Rabindranath Tagore at Samvidhan Sadan, remembered on his birth anniversary गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर की जयंती के अवसर पर आज संविधान सदन के केन्द्रीय कक्ष में उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित कर नमन किया गया। इस अवसर पर उनके बहुआयामी व्यक्तित्व और योगदान को भावपूर्ण स्मरण किया गया। गुरुदेव का जीवन जितना विविध था, उतना ही प्रेरणादायक भी। वे केवल कवि या लेखक नहीं थे, बल्कि एक उपन्यासकार, नाट्यकार, गीतकार, चित्रकार और शिक्षाविद् के रूप में भी उन्होंने गहरी छाप छोड़ी। उन्होंने भारतीय सांस्कृतिक चेतना को विश्वपटल पर स्थापित किया और शिक्षा के क्षेत्र में शांति निकेतन जैसी संस्थाओं के माध्यम से नई सोच को आकार दिया। राजनीतिक, दार्शनिक और सामाजिक विचारों में भी उनकी दृष्टि दूरदर्शी थी। गुरुदेव का जीवन भारत की ऋषि-मनीषी परंपरा का प्रत्यक्ष प्रतीक है, जो आज भी करोड़ों लोगों को प्रेरणा देता है