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হিমন্ত বিশ্বই নলবাৰীত শ্ৰীমহা বিষ্ণু যজ্ঞত অংশগ্ৰহণ কৰি, অসমীয়াক চৰকাৰী ভাষা হিচাপে গঢ়ি তোলাৰ বাবে চৰকাৰৰ দায়বদ্ধতা প্ৰকাশ কৰে#politics
Ashok Pawar MD
(ASSAM, NALBARI)
হিমন্ত বিশ্বই নলবাৰীত শ্ৰীমহা বিষ্ণু যজ্ঞত অংশগ্ৰহণ কৰি, অসমীয়াক চৰকাৰী ভাষা হিচাপে গঢ়ি তোলাৰ বাবে চৰকাৰৰ দায়বদ্ধতা প্ৰকাশ কৰে#politics
UP के प्रतापगढ़ जिले से दिनभर की बड़ी खबरें। 17/06/2026 #pratapgarh #latestnews @reporteJitendra
आज शिवसेना उबाठा वतीने आय जी सुनिल कुमार शर्मा यांना निट आणि सेट परीक्षा घोटाळा प्रश्नाबाबत निवेदन दिले.
▶️.....कोटा: राहुल गांधी की सभा में छात्रों की भारी भीड़*
आज कोल्हापूर मध्ये शिवसेना उबाठा वतीने तहसीलदार यांना रेशन संबंधित निवेदन देण्यात आले.
▶️उत्तर प्रदेश◀️ जिला मिर्जापुर की कलक्ट्रेट में फर्जी इंस्पेक्टर पकड़ा गया*। बालों का स्टाइल, दाढ़ी, सिंगल स्टार, ढीली वर्दी...इन सबसे पब्लिक को शक हुआ। ऑन द स्पॉट ही इसे पकड़कर फैक्ट चेक कर डाला।
आज राजू शेट्टी यांनी व्हिडिओ द्वारे महाराष्ट्र शासन पाण्याचा उपयोग कर्नाटक साठी कसा करत आहे .याबाबत प्रत्यक्ष परिस्थिती दाखविली.
ठाकरे गटाचे खासदार उध्दव ठाकरे यांच्या कार्यपद्धतीवर नाराज,माजी मंत्री अशोक सराफ
▶️.....एमपी के बैतूल में पुलिस को शिकायत मिली वो पति पत्नी के बीच झगड़े को सुलझाने गई .. लेकिन खुद झगड़े में उलझ गई!
MANT-लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर जयंती समारोह, केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी ने किसानों और युवाओं को दिया संदेश,,
▶️......राजधानी लखनऊ में भारत-अफगानिस्तान वनडे मैच को लेकर लखनऊ पुलिस हाई अलर्ट पर!!
Comments (1)
Ashok Pawar MD
16 Apr, 2025Himanta Biswa attended Sri Maha Vishnu Yagna in Nalbari, expressed government's commitment to make Assamese an official language असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने आज नलबाड़ी के बरनाड्डी में आयोजित श्री महा विष्णु यज्ञ में भाग लेने के बाद मीडिया से बातचीत की। इस दौरान, उन्होंने असमिया भाषा को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराया। मुख्यमंत्री ने कहा, "आज से असमिया भाषा पूरे असम में सभी सरकारी दस्तावेजों, अधिसूचनाओं, अधिनियमों आदि के लिए अनिवार्य आधिकारिक भाषा होगी।" उन्होंने यह भी बताया कि असमिया को राज्य की प्रमुख भाषा के रूप में प्रोत्साहित करना उनकी सरकार का मुख्य उद्देश्य है, ताकि राज्य की सांस्कृतिक पहचान और विरासत को संरक्षित रखा जा सके। यह कदम असम के लोगों को उनके मातृभाषा में सरकारी कामकाज से जोड़ने के लिए उठाया गया है। यह घोषणा असमिया भाषा के महत्व को बढ़ाने और राज्य की लोक-परंपराओं के सम्मान में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखी जा रही है।