Now Playing
दिल्ली: डीयू प्रिंसिपल के गोबर प्रेम के खिलाफ छात्रों का अनोखा विरोध, प्रिंसिपल के कमरे को गोबर से रंग दिया#protest
Ashok Pawar MD
(DELHI, NEW DELHI)
दिल्ली: डीयू प्रिंसिपल के गोबर प्रेम के खिलाफ छात्रों का अनोखा विरोध, प्रिंसिपल के कमरे को गोबर से रंग दिया#protest
मोदी सरकारची १२ वर्षांची विकासगाथा | गडचिरोलीत विशेष पत्रकार परिषद राज्यसभा खासदार मा मायाताई ईवनाथे यांची ऊपस्थीती
दिव्यांग बांधवाच्या साखळी उपोषणाला आमदार डॉ मिलिंद नरोटे यांची भेट
चांदन सहयोग शिविर का निरीक्षण करने पहुंचे राजस्व मंत्री, प्रशासनिक अमला रहा अलर्ट
हरिद्वार में सोमवती अमावस्या पर हरिद्वार में आस्था का सैलाब, हरकी पैड़ी पर उमड़े लाखों श्रद्धालु
अंबेडकर नगर नगर में शांतिपूर्ण मुहर्रम के लिए डीएम इशा प्रिया ने किया क्षेत्र का भ्रमण और अधिकारियों को सौंपी जिम्मेदारी।
पोषण पोटली वितरण कार्यक्रम डीएम अनुपम शुक्ला ने क्या कहा
▶️......मुरादाबाद थाने के SHO जैसा हर थाने में तैनात हों SHO... मुरादाबाद के थाना प्रभारी ने कहा अगर बहन बेटी की तरफ बुरी नज़र डाली चौराहे पर पीटूंगा। जन चौपाल का आयोजन कर रही है मुरादाबाद पुलिस उसी कार्यक्रम में SHO ने कहा।
बलिया में सपा के राष्ट्रीय महासचिव अवलेश सिंह ने कहा,2027 में सपा की सरकार बनते ही होगा बड़ा बदलाव
MANT-6.5 करोड़ श्रद्धालु, लेकिन कैसे संभली इतनी बड़ी भीड़? जानिए मथुरा पुलिस का, प्लान,,
दबिश के दौरान तोड़फोड़ का आरोप, CCTV में कैद हुई पूरी घटना
Comments (1)
Ashok Pawar MD
16 Apr, 2025Delhi: Students' unique protest against DU principal's love for cow dung, painted principal's room with cow dung दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) में एक अनोखा और चौंकाने वाला विरोध प्रदर्शन देखने को मिला। एक कॉलेज की प्रिंसिपल द्वारा क्लासरूम की दीवारों पर गोबर लगाने के फैसले से नाराज़ छात्रों ने DUSU अध्यक्ष रौनक खत्री की अगुवाई में प्रिंसिपल के कमरे में ही गोबर से पुताई कर दी। प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने तंज कसते हुए कहा, "अगर गोबर से ठंडक मिलती है तो AC भी निकाल फेंकिए!" DUSU अध्यक्ष रौनक खत्री ने इसे छात्रों के साथ भेदभाव और अव्यवहारिक फैसलों के खिलाफ आवाज़ बताया। उन्होंने कहा कि क्लासरूम की दीवारों पर गोबर पोतना न केवल अस्वास्थ्यकर है, बल्कि शैक्षणिक माहौल के खिलाफ भी है। इस विरोध ने परिसर में गंभीर चर्चा और बहस को जन्म दे दिया है। कई छात्र और शिक्षकों ने प्रिंसिपल के फैसले पर सवाल उठाए हैं, वहीं कुछ ने इसे पारंपरिक तरीकों को अपनाने की पहल बताया। फिलहाल कॉलेज प्रशासन की ओर से इस घटना पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है।