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सुरक्षाबल के जवानों की कड़ी मेहनत और साहसिक अभियानों के परिणामस्वरूप 25 वर्षों बाद बीजापुर-पामेड़ मार्ग नक्सलियों के खौफ से आजाद हो गया है। यह मार्ग पिछले दो दशकों से अधिक समय से नक्सलियों के आतंक के कारण अवरुद्ध था। इस मार्ग के अवरुद्ध रहने के कारण क्षेत्रीय लोग पामेड़ तक#politics
Ramagya Sharma
(CHHATTISGARH, RAIPUR)
सुरक्षाबल के जवानों की कड़ी मेहनत और साहसिक अभियानों के परिणामस्वरूप 25 वर्षों बाद बीजापुर-पामेड़ मार्ग नक्सलियों के खौफ से आजाद हो गया है। यह मार्ग पिछले दो दशकों से अधिक समय से नक्सलियों के आतंक के कारण अवरुद्ध था। इस मार्ग के अवरुद्ध रहने के कारण क्षेत्रीय लोग पामेड़ तक#politics
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Comments (1)
Ramagya Sharma
21 Mar, 2025After 25 years, Bijapur-Pamed road is free from the fear of Naxalites due to the operations of security forces सुरक्षाबल के जवानों की कड़ी मेहनत और साहसिक अभियानों के परिणामस्वरूप 25 वर्षों बाद बीजापुर-पामेड़ मार्ग नक्सलियों के खौफ से आजाद हो गया है। यह मार्ग पिछले दो दशकों से अधिक समय से नक्सलियों के आतंक के कारण अवरुद्ध था। इस मार्ग के अवरुद्ध रहने के कारण क्षेत्रीय लोग पामेड़ तक पहुंचने के लिए 250 किलोमीटर की लंबी दूरी तय करते हुए तेलंगाना राज्य से होकर यात्रा करते थे। पहले बीजापुर से तर्रेम और कोंडापल्ली होते हुए पामेड़ जाने वाली सड़क पर नक्सलियों की उपस्थिति ने इलाके में आवागमन को मुश्किल बना दिया था। अब, सुरक्षाबलों की मेहनत और निर्णायक कार्रवाई के बाद इस महत्वपूर्ण मार्ग को नक्सलियों से मुक्त किया गया है, जिससे स्थानीय लोगों के लिए यात्रा करना आसान और सुरक्षित हो गया है। यह घटना सुरक्षाबलों की सफलता और नक्सलवाद के खिलाफ संघर्ष की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।