Now Playing
भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि आध्यात्मिक शांति की वास्तविक उपयोगिता समाज से अलग रहकर शांत बने रहने में नहीं है, बल्कि इसका असली उद्देश्य एक स्वस्थ, सशक्त और समृद्ध समाज तथा राष्ट्र का निर्माण करना है।#politics
Ashok Pawar MD
(DELHI, NEW DELHI)
भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि आध्यात्मिक शांति की वास्तविक उपयोगिता समाज से अलग रहकर शांत बने रहने में नहीं है, बल्कि इसका असली उद्देश्य एक स्वस्थ, सशक्त और समृद्ध समाज तथा राष्ट्र का निर्माण करना है।#politics
सिरदला प्रखंड के परना डाबर थाना क्षेत्र के लक्ष्मी बीघा गांव में मारपीट की घटना में तीन लोग हुए घायल, पीएचसी में इलाज
सिरदला प्रखंड पंचायती राज पदाधिकारी के दो जेई को दी गई भावभीनी विदाई
UP के प्रतापगढ़ जिले से दिनभर की बड़ी खबरें। 14/06/2026 #pratapgarh #latestnews @reporteJitendra
UP के प्रतापगढ़ जिले से दिनभर की बड़ी खबरें। 14/06/2026 #pratapgarh #latestnews @reporteJitendra
बैंक में लगी भीषण आग,लोगों की गाढ़ी कमाई पर आफत,फायर ब्रिगेड आग बुझाने में जुटी
वृंदावन पंचकोशीय परिक्रमा में उमड़ा भक्ति भाव और आस्था का भारी जन सैलाब
फिरोजाबाद के शिकोहाबाद से दिल दहलाने वाली खबर को देखे
औसा तालुक्यातील बुधोडा जवळ भीषण अपघात तिघे ठार,१७ व्यक्ती जखमी
शाहजहांपुर में केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर "सेवा, संस्कार, सुशासन एवं सम्मान" थीम के तहत सामाजिक कार्यकर्ताओं के साथ संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री Suresh Kumar Khanna तथा प्रभारी मंत्री Narendra Kashyap ने केंद्र और प्रदेश सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं एवं उपलब्धियों की जानकारी दी।
बोलोरो से टक्कर के बाद बाइक सवारों को ट्रक ने रौदा,क्षेत्र पंचायत सदस्य की मौत से मचा कोहराम
Comments (1)
Ashok Pawar MD
10 Mar, 2025Draupadi Murmu's statement: "The true purpose of spiritual peace is in the service of society" भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि आध्यात्मिक शांति की वास्तविक उपयोगिता समाज से अलग रहकर शांत बने रहने में नहीं है, बल्कि इसका असली उद्देश्य एक स्वस्थ, सशक्त और समृद्ध समाज तथा राष्ट्र का निर्माण करना है। राष्ट्रपति मुर्मू ने यह स्पष्ट किया कि आध्यात्मिक शांति सिर्फ व्यक्तिगत मोक्ष या शांति के लिए नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र की भलाई के लिए होनी चाहिए। उनके अनुसार, आध्यात्मिकता का उद्देश्य सामाजिक उत्थान और राष्ट्र की प्रगति में योगदान देना है।